भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की विशेष स्वैप योजना के तहत बैंकों ने पिछले सप्ताह शुक्रवार तक 20.7 अरब अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) से अधिक का विदेशी मुद्रा प्रवाह (फॉरेक्स इनफ्लो) जुटाया है। यह योजना 8 जून से लागू की गई थी।
आरबीआई द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह में से 17.4 अरब डॉलर से अधिक राशि फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) [FCNR(B)] जमा के माध्यम से प्राप्त हुई। इसके अलावा, लगभग 2 अरब डॉलर ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग (OFCBs) और 1.3 अरब डॉलर से अधिक एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECBs) के जरिए जुटाए गए।
आरबीआई ने यह रियायती स्वैप सुविधा देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) को मजबूत करने और विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, FCNR(B) जमा के लिए यह स्वैप सुविधा 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी, जबकि OFCBs और ECBs के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।