‘मन की बात’ में बोले प्रधानमंत्री मोदी: कारगिल के वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई का दिन देशवासियों के लिए गर्व का प्रतीक है, जो भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान की याद दिलाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 14 जुलाई से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से शुरू हुई ‘शौर्य विजय यात्रा’ कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि “वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट” का संदेश देने वाली यह यात्रा देश के वीर सपूतों के बलिदान को हमेशा स्मरण कराती रहेगी।

उन्होंने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में लगातार आत्मनिर्भर बन रहा है। हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। उन्होंने डीआरडीओ द्वारा पिनाका लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण की भी सराहना की।

प्रधानमंत्री ने भारत के पहले निजी क्षेत्र में विकसित रॉकेट विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण को देश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ने से देश के युवाओं की प्रतिभा को नया अवसर मिला है।

जल संरक्षण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान में देशभर की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई राज्यों में जल संरक्षण के सफल प्रयासों का उल्लेख किया और लोगों से अपने आसपास के तालाब, कुएं और बावड़ियों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

खेलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु को जापान ओपन जीतने और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लॉर्ड्स मैदान पर ऐतिहासिक टेस्ट जीत की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और गणित ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने स्वर्ण और रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक वागू चटाई, उत्तर प्रदेश के बिजनौर की हर्बल चाय, गुजरात में वृक्षारोपण, बिहार में प्लास्टिक पुनर्चक्रण, खादी एवं हथकरघा उत्पादों के बढ़ते उपयोग तथा त्रिपुरा के पारंपरिक चोंगप्रेंग वाद्ययंत्र जैसे अनेक स्थानीय प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को और मजबूत बनाने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने गुरु पूर्णिमा और भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि का उल्लेख करते हुए युवाओं से बड़े सपने देखने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

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